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Tuesday, 17 June 2025

हमने देखा हे. CORONA VIRUS & LOCKDOWN

था। ेवरेॆ


                               हमने देखा हे.
                       🖋️ Huzaifa patel
Date:- 10 jul 2020

     "कोरोना वायरस & लोकडाउन"

इमान के दावों को चिल्लाने वालो के खोखले इमान को हमने देखा हे.

इमान के बडे बडे दावों  को बिमारी के दरसे कमजोर होते हमने देखा हे.

मस्जिदों मे फरज नमाज मे नमाजीयों को कंद से कंदा छोड़कर दुर दुर खडे हमने देखा हे.

मिंम्बरो से खिताब करने वालो मे इमानी कुव्वत भुलाकर कोरोना का दर  हमने देखा हे.

मिल्लत को मजलूम, लाचार और गुलाम बनाने वाली रेहबरी को हमने देखा हे.

दिने इस्लाम के नाम पर मजहबी फिरका वारी सोच पर कोम की बली चरहाने वालों को हमने देखा हे.

इस्लाम के इन्कलाब को मुस्लिम  रहबरों के हाथों से कमजोर होते हमने देखा हे.

इमान की कुव्वत के साथ  कुरबान होने वालों को इस जमाने मे गुमनाम होते हमने देखा हे.

मुस्लमान होने पर मुस्लिम नौजवानों को बरसों जेलों मे केडी बनाकर रखने वाले निजाम को .हमने देखा हे.

मुसलमान होने पर करोड़ों इन्सानों को जालीम के जुल्म का शिकार होते हमने देखा हे.

इन्तिहाइ गुरबत के हालात मे दुनिया के निजाम बदलने वाले इतिहास को सिर्फ और सिर्फ किताबों और बयानों मे हमने देखा हे.

वुसअत और गूर्बत  का जमाना हमने देखा हे.

अपने आपको हालात से कभी गिरकर उठना और हक की आवाज को बुलंद करते  हमने देखा हे.

इमान की ताकत पर हक बोलते हुये अपने आपको हमने देखा हे.

गुलामी और बरबादी की रेहबरी मे शिकार होते जमाने को हमने देखा हे.

झूठे मक्कारों को रेहबरी की सकल सुरत मे सौदेबाजी करते रहेबरों को हमने देखा हे.

गुलाम जमाने को रेहबर (लीडरशिप) की मक्कारी मे बरबाद होते  हमने देखा हे.

सर उठाकर लीडर के दावेदारों को हमारे सामने जलील होकर सर झुका ने वालों को  हमने देखा हे.

चंद दौलत के लिये इमान का सौदा करने वाले सौदागरों को हमने देखा हे.

दुनिया को बदलने का दावा करने वालो को दुनिया का गुलाम बनते  हमने देखा हे.

जमाने मे झूठी  तारीफ और ताने (बुराई) करते मतलब परसत गद्दारों को हमने देखा हे.

बडे बडे बुरे हालात से निकाल ने  खुदा की मदद का सुकर करते अपने आपको  हमने देखा हे.

खुदा का सुकर हे हमेशा हक बात पर अपने आपको हमने देखा हे.

हालात कैसे भी हो डटकर सामना करते हुये अपने आपको हमने देखा हे.


सुकरीया साथियों पूरा पढ़ने के लिये.

Huzaifa Patel, Bharuch GUJ.
      (Dadicated Worker)

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