SAF Team guj.
Date. 18 Jul 2020
🖋 Huzaifa Patel
بسم الله الرحمن الرحيم
अस्सलाम वालेकुम रहमतुल्लाह व बरकातहू.
बाद सलाम अगर आप समाज सेवा के कार्य से जुडे हे, आपको ये आर्टिकल सामाजिक कार्यो मे किस तरहा हमारी कार्यनीति क्या होनी चाहिये इस पर बेहतर तरीके से समझाने कि कोशिश करेंगे.
सबसे पेहले आप हमारे निचे दिये पुरे आर्टिकल को अच्छे से समझें ये कार्यनीति कुएं जरुरी हे ? किस मकसद से बनाया गया हे ? और इसके माध्यम से आपके माध्यम से समाजिक एकता,जागरूकता और व्यवस्था बनाने मे मददगार हो सकता हे .
हमारे मुस्लिम समाजकी भारत देशमे जिसतरहा धार्मिक,सामाजिक,राजकीय परिस्थितियां हे ,वो काफ़ी चिंता करने का विषय हे, पेछले कुच सालों मे मुस्लिम समाजकी समस्याओं ने समाज के जागृत और चिंतित वडिलों,युवाओं के साथ समाजकी महिलाओं मे समाज के लिये कुच कर गुजरने की भावनाओं को जरूर जगाया हे,जिसमे उनके अंदर की इमानी सोच हे,लेकीन भारत के मुसलमानों के पास कोई खास सामाजिक व्यवस्था और सामाजिक संस्थान के पास समाजको एकजुट और सामाजिक संरचना करने हेतू कार्यनीति और लक्ष्य "ना" होने के कारणों से समाज के कई चिंतित लोगों का समय,बुद्धि,पैसा और उनकी सलाहीयतों के साथ उनकी शक्ति सामाजिक व्यवस्था निर्माण करने मे और समाज के आम जन जिवन जिने वाले लोगों मे विश्व बरहा ने मे असफल नज आते हें .
मेरा अनुभव और अध्ययन
मेने सामाजिक जागरूकता,समाजिक एकता और सामाजकी अलग अलग समस्याओं पर प्रेक्टिकली कार्य किये जिसके बाद कई अलग अलग तरहा के अनुभवों से मुझे मुस्लिम समाज की सबसे बडी समस्या जो नजर आई वो थी हमारे मुस्लिम समाजकी सामाजिक संस्थान के पास सामाजिक व्यवस्था बचाने मजबुत करने और परिस्थितियों के अनुसार संस्थान के माध्यम से समाजको दिशानिर्देश करने की आसान कार्यनीति "ना" होना मुझे सबसे पहले नजर आई उसके बाद मेने इसमे और अभ्यास किया जिसमे मेरी चिंता येथी के सामाजिक संसके पास वर्तमान समय मे कौनसी कार्यनीति होनी चाहिये जो समाज के कम परहे लिखे और दिनी-दुनियावी हाई एजुकेशनल लोगों मे तालमेल (बराबरी) बनाकर रखे और उनके एक साथ जुडने से समाज मे वैचारिक परिवर्तन के साथ सामाजिक एकता,जागरूकता लाने मे सफलता मिल सके , जिसमे मुझे अल्लाह की महेरबानी से 7 कार्यों का अध्ययन हुवा और मजिद इसमे मेने सामाजिक संस्थान का लक्ष्य टार्गेट क्या होना चाहिये विशेष अभ्यास किया जिसमे मुझे और मजिद कामयाबी मिली जिसके बारे मे आग चर्चा करेंगे.
भारत देश मे सबसे ज्यादा सामाजिक संस्थान रखने वाला समुदाय मुस्लिम, भारत देश मे 7से 8 सालों तक हुकूमत करने का इतिहास रखने वाले मुस्लिम, भारतीय रेलवे के बाद सबसे ज्यादा जमीन (वक्फ की जमीने) मुसलमानों के पास भारत देश की आजादी मे सबसे बदी जान और माल की कुरबानी देने वाला मुस्लिम, आजादी के बाद धीरे धीरे अपनी आर्थिक अधिकारिक,राजनितिक प्रतिनिधित्व और सुरक्षा की परिस्थितियों मे कमजोर होने वाला मुस्लिम, सरकार की सरच्चक कमिटी 2006 और मिश्रा कमिशन 2009 के रिपोर्ट अनुसार भारत देश के तमाम समुदाय मे दलित से सामाजिक,आर्थिक,शैक्षणिक,अधिकारिक क्षेत्रों मे मुस्लिम समाज की खराब परिस्थितियाँ होने का दावा किया गया.
कई विषय हे जिसमे मनो मंथन करने और अभ्यास के साथ प्रेक्टिकली कार्यो से समाज की जो परिस्थितियां नजत आती हे, वो काफी डरावनी नजर आती हें .
नंबर
1 - सामाजिक बदलाव.
2 - शैक्षणिक जागरूकता .
3 - शारीरिक एवम आरोग्य के कार्य.
4 - समाज को आर्थिक क्षेत्र मे मजबुत करना.
5 - वर्तमान समय कि समस्याओं का विश्लेषण के साथ उसका मार्गदर्शन और साथ- सहयोग करना.
6 - मानवता के साथ मानव अधिकार बचाने के लिये संविधान और कायदे कानून कि जागरूकता.
7 - नेतृत्व मजबुत और सक्रिय करना.
अलग अलग क्षेत्र के व्यक्ति की गुणवत्ता (Quality) के बारे मे तिन प्रकार से समझने की कोशिश करेंगे.
मुस्लिम समाज के धार्मिक गुरु (उल्मा ए किराम) की तिन गुणवत्ता क्या होनी चाहिये.
सामाजिक संस्थान चलाने वाले और लीडरशिप करने वालों की तिन गुणवत्ता क्या होनी चाहिये.
लोकतांत्रिक देश मे राजकीय लीडरशिप करने वालो की तीन गुणवत्ता क्या होती हे.
समाज के लिये उपयोगी बन सकते हे एसे संघर्षशील व्यक्ति की तिन गुणवत्ता क्या होती हे ?
समाज मे आम जन जिवन जिने वाले लोगों की तिन प्रकार कि गुणवत्ता होती हे.

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