Date: 28 jul 2023
*में मुस्लमा हूं मेरी आवाज सुनो ।*
मुजपर हो रहे जुल्म पर अपने लब तो खोलो।
*में मुसल्मा हूं मेरी आवाज सुनो।*
मेरी कयादत हे खामोश तुम देख लो ।
*में मुसल्मा हूं मेरी आवाज सुनो।*
मुजपर जुल्म की दास्तान देख लो।
*में मुसल्मा हूं मेरी आवाज सुनो।*
सिस्टम की हमसे नफरत तो देख लो ।
*में मुसल्मा हूं मेरी आवाज सुनो।*
आजाद कहे जाने वाले गुलाम सुनो ।
*में मुसल्मा हूं मेरी आवाज सुनो।*
रोज रोज जुल्म की नई कहानी सुनो।
*में मुसल्मा हूं मेरी आवाज सुनो।*
मुझ पर कयामत हे बरपा जरा देख लो।
*में मुसल्मा हूं मेरी आवाज सुनो।*
Huzaifa Dedicated
Gujarat Bharuch
Mo.+91 9898335767

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