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Sunday, 20 August 2023

मुफ्ती तारिक मसूद 14 ऑगस्ट वीडियो tax ।

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एक गली में चौकीदार बिठाया है वह अपनी ड्यूटी पूरी नहीं कर रहा है घर में राशन टाइम पर नहीं आ रहा आप उसको ठीक करने की कोशिश करोगे या बोलोगे इस घर को बम से उड़ा दो तो घर का मालिक जवाब में यह कि यहां चौकीदार अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं कर रहा है जिसको टमाटर लेने के लिए भेजा माता के बजाय मटर उठाकर ले आता है तो फिर क्या कहा जायेगा हो पाई तो टमाटर के बजाय मतलब है
को बुरा बोलना तो घर को कि बुरा बोल रहा है
मुफ्ती तारीख मसूद की बयानात के लिए मुफ्ती साहब की ऑफिशियल चैनल मुफ्ती तारीख मसूद स्पीच को सब्सक्राइब करें
तो मैं कर रहा था कि जब ये मैं सोचता हूँ के बाद ही हम थोड़ी सी मुखालफत जब ऊट पटांग किस्म के ना सिद्धि हर धर्म लोग मिलते हैं ऊट पटांग यूट्यूब पर के लिए जो मजा भी लिहाज से लोगों को गलत रूप में लेकर जा रहे हैं
सियासी लिहाज से लोगों को गलत गाइड कर रहे होते हैं
मुल्क का नुकसान कर रहे हो तुमको पता नहीं होता हमारी इस बीच से मूल का कितना बड़ा नुकसान होने वाला है
अब आप मुझे बताओ ऐसे ऐसे लोग आ रहे पाकिस्तान का झंडा जला रहे हैं
इन हालात में ना पासपोर्ट भादरा कोई लोगों के कमेंट से बिल्कुल सही किया या तो क्या कर रही है कि किस क्यों झंडा रहे है तो तो क्यों पासपोर्ट फाड़ रहे दुनिया पाकिस्तान में नहीं रहना दबाव रहा यहां से भाई तो
आप एक घर में रहते हो
जैसा मर्जी घरो
जो आगे डिफेंस के लिए आपने एक गली में चौकीदार बिठाया है वह अपनी ड्यूटी पूरी नहीं कर रहा एक मिसाल दे रहा हूं
घर में राशन टाइम पे नहीं आ रहा आप उसको ठीक करने की कोशिश करोगे या बोलोगे इस घर को बम से उड़ा दो
या जो मेरा घर का एड्रेस है ना
उसको उसको ऐड्रेस करके उसको गालियां देना शुरू कर दो लोग कहेंगे लोग पहुंचेंगे दूध अड़ोस पड़ोस वाले क्या करेंगे हसेंगे बोलेंगे अच्छा जल्द ही दबाव मरो यहां से निकलो ताकि हम यह खरीद लें
इतना बड़ा अच्छा गधा घर चार सौ पर बना हुआ है और लोकेशन वाइस बड़ा जबरदस्त है
तो अच्छा है तुम लोग इसकी मुखालफत करो
ताकि फिर कंट्रोल किसका आ जाए हमारा जाए क्योंकि हमें पता है वेंटिलेशन कभी बड़ा अच्छा इंतजाम है
तो घर का मालिक जवाब में यह कहकर यहां चौकीदार अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं कर रहा है जिसको टमाटर लेने के लिए भेजा टमाटर के बजाय मटर उठाकर ले आता है तो फिर क्या कहा जायेगा हो भाई तो टमाटर के बजाय मटर ला रहे हैं उसको बुरा बोला तो घर को कि बुरा बोल रहा है घर को बुला बोलने से तो तो अपने पापा को ज्यादा मार रहा है
और यह पता कौन नीच किस्म के पाकिस्तानी जो अमेरिका जाकर जैसे गरीब के पास निया ने पैसा आ जाना तो अपनी औकात भूल जाता है ऐसे कुछ पाकिस्तानी ऐसे निर्णय अमेरिका जाते हैं यूके जाते हैं अपनी औकात भूल के ने पाकिस्तान को गालियां देना शुरू कर देते हो पाकिस्तान तो ऐसा है पाकिस्तान तो हालांकि वहां जो उनकी तबीयत से पेस्ट्री और होती है ना ही बताएंगे हो
मैंने ऐसे बड़े गैर मुल्की देखें जिनको वहां दो टके की इज्जत नहीं है और पाकिस्तान को गालियां दे रहे होते हैं जबकि यहां गरेबान खोलकर दादा बदरवास बनकर घूम रहे होते हैं पर अपने मुल्क में इंसान की जो इज्जत होती है दूसरा कंट्री कभी भी आपको वह इज्ज़त नहीं आपको नेशनल एंटी मिल जाए फिर भी नहीं रहते हुए बुद्ध नंबर समस्त
आप पौधे बार से रंग से पता चल रहे देसी है
क्या पासपोर्ट आपके पास वहां कभी चुनाव इल्ला यह कि आपको बहुत ही क्वालीफाइड तो बहुत हाई लेवल के डॉक्टरों या बहुत हाई लेवल के साइंटिस्टों और जो इतने हाई लेवल के होते हैं इस तरह की नीच बातें कर रहे होते हैं ये सारे छिछोरे यहां के भागा भागा वह आगे को पासपोर्ट रहा है तो पाकिस्तान के ठंडा जला रहा है
ये चीजें देखीं आत्मिक टेंशन होती है भाई
और टेंशन इन तो को देख के नहीं होती उन बेलहर तो को देख की होती तो कमेंट में को प्रोमोट कर रहे होते तो आप बिल्कुल सही किया तुमने बिल्कुल सही किया यह मूल की ऐसा है तो दफा हो जाओ ने स्कूल से यार तुम तो क्यों ठहरे हो जाते और तुम दफा होते हो तो तुम्हें निजात मिल गई ना
अब जाओ तुम ऐसा करो वहाँ जाके गालियां दे रहे हो इसलिए बड़ी प्यारी बात की है
एक साहब ने इसलिए पासपोर्ट फहराना तो उसने का कितने मूल कैसे जो पाकिस्तान से भी ज्यादा बदहाली का शिकार हैं
कभी भी उनकी क़ौम उन मूल का पासपोर्ट नहीं है कभी भी झंडा यह दुनिया में कोई नहीं करता
और मैं समझता हूं इसके जिम्मेदार भी हमारे सियासी लीडर हैं जिन्होंने मूल की इतनी नफरत और यह साफ यह तृणमूल की नफरत पैदा करती है हर वक्त नेगेटिविटी दिखा रहे होते हैं हर वक्त आपको जूता ने तलवार दिखा रहे होते और आपका चेहरा उसमें दिखा रहे होते हैं
क्या पॉजिटिव से खत्म हो गई है क्या
अक्सर इंतजार हो कर रहे जिनकी तोडे भरी हुई है
गरीब को तो बेचारे को फुरसत हो तो रोड़ा बैठकर
एक साहब ने मुझे का केपी के में ऐलान हुआ है कि जी चौदह कसनी मनाएंगे
मैंने का क्यों है वह धमाका हुआ ना बाद रोड में फिर सियासी तंजीम कभी का उसने भी ऐलान किया नहीं बनाएंगे मैंने का जिन लोगों को की शहादत हुई ना
जिनको हम पहुंचा उनका हम समझ में आता है वह अगर किसी देश पर गहरे हमने इस दफा नहीं मनाना बाद लोग इसे एक दिन पहले मैया तो गई तो वह कहते हैं मीद नहीं मनाएंगे
शरण तो जाइज़ नहीं है यह लेकिन यह कि उसकी तो कोई लॉजिक बनती है ना कोई लॉजिक बनती है कि लाशें इतनी उन विचारों का तो धमाके में हाल क्या हुआ है
कैसे बाप और भाइयों के टुकड़े पड़े हुए
लेकिन कुछ सियासी तंजीम इस पर करिए के चौदह सी मनाना तुम तो सियासत इस मुल्क में कर रहे और तुम उनसे नफरत नफरत के के स्पेस ने कर रहे हो
तुम तो इसी मुल्क को तो तुमने कैच कराया है इसी मूल की तामीर और तरक्की और हो कुल पत्नी के नाम पर वोट मांग रहे हैं और आज तुम कह रहा हूं सौदागर इसका मतलब तुम शख्सियतों पर मूल को कुर्बान कर रहे हो मूल पर शख्सियतों को कृपा नहीं कर रहे हो हम हम मानते हैं जिन शख्सियतों को बुरा कहा जाता है बहुत सी बुरी नहीं होती जिन शख्सियतों को
अच्छा कहा जाता है वह बहुत सी अच्छी नहीं होती है यह हकीकत मानते हैं इसमें बहुत कुछ होता है इस्टैब्लिशमेंट के भी दखल होते हैं सियासी लीटर का भी होता है मीडिया का भी होता है बाई किसी भी शख्स से अकीदत मोहब्बत इतनी नहीं कि रियासत को उस पर हम दांव पर लगाते हैं सबसे पहले क्या है रियासत अपना घर है
दुनिया में कोई मुल्क मैंने भी देखा जो जिसकी लोग अपने को अपने मूल से नफरत करते हो ऐसा शहर यहां पर
घोलकर डाल दिया बात साथ ही भी यह काम कर रहे हैं बहुत बहुत स्लो होता रखें और हमारी बेवकूफ अवाम यह नहीं देख रही कि आप जब कंट्री से नफरत करोगे तो नुकसान किसका है
तुम क्या करोगे इसमें दो तक है कि तुम्हारी दुनिया में अपवाद नहीं रहेगी
फिर यह जब जी से गुजरती है तो केपी में ने उन्हें मख़सूस लोगों की बात कर रहा हूं कि अगर वह चौदह नहीं मना रहे उनको एक हम पहुंचा है तो दायरे एक किसी का एक हम तो हम होता है ना लोकगीत बनाना छोड़ देते हैं लेकिन मतलब का को में
लेकिन पूरी कौम यह बातें करना शुरू कर दी हमने चौदह अगस्त बनाना
हमने
हमने जनाब को झंडा जलाना में झंडे नहीं लगाने का मतलब तुमसे बड़ा बेवकूफ इस कायनात में पैदा फिर जो
तुम्हारे साथ और बिल्कुल ठीक हो रहा है इस फॉर्म के साथ यही होना चाहिए इसके साथ
टन से ज्यादा तंजीमों और जमातों को अपने किरदारों को देना शुरू कर दी है किसी इदारे की नफरत में इतना आगे मत पड़ो के मूल से समझौता मूल से मोहब्बत छोड़ दो और किसी इदारे की या जमात की अकीदत ने भी इतना आगे ना बड़ों के मूल से मोहब्बत खत्म कर दो
मूल मकसद है भाई इदारे और जमाते मकसद नहीं है बल्कि हम तो आगे बढकर कहते हैं कि मूल की मोहब्बत में गधे को भी बाप बनाना पडेगा बना लो आप मूल पहले
हमने यह बड़ा जुमला बचपन में सुना एक साफ कपड़ा पता चल रहा था किसी से
मैंने का यह तो आपको इसका आपसे इतना बड़ा पता चल रहे हो फिर भी आप इसे दोस्ती का हाथ बढ़ा रहे हैं कह रहे हैं और मजबूरी में करने को भी बनाना पड़े तो क्या होता है क्योंकि पहले का दादा में दुश्मनी करूंगा जो थोड़ा बहुत में होना वह भी सभी जाऊंगा अपने साथ में फातमी ये चीजें लोगों की समझ में आती है जहां प्रजाति मसौदों
जितने लोग आते हैं लेकिन दादी होते हैं बदमाश होते हैं लोग कहते हैं जिनके खिलाफ बयान मत करें कर भी रहे हो तो उनको पता है कि बयान किया जाए
बड़े कमी से या स्तरीय कर रहे होते हैं वह एक दौर था ना पड़ी
मेले में बड़े बड़े दादाओं की हुकूमत रही है कराची में भी पंजाब में भी और
उनके जब जा रहे धुकधुकी मिल रहे हैं
तो उनसे पूछो तो कहते हैं और मजबूरी में गधे को क्या बनाना पड़ता है
यह मजबूरी आपकी जाती है यार रियासत की मजबूरी है मूल तबाह हो रहे भाई सबका नुकसान होगा इसमें शेयरों के हाथ में चला जाएगा
और बाज दफा जिसको आप गधा कहकर बाप बना रहे हो तो वगैरह होता नहीं है यदि आप होते हो इसलिए आपको लग रहा होता है वो इतनी इतना कुछ मैं किसी की फेवर में बयान नहीं कर रहा न मैं किसी के नेगेटिव में बयान कर रहा हूं मेरे बयान को किसी जमात के फेवर में या नेगेटिव लेकर जाएं मैं कुछ
फूल और जाप्ता बयान कर रहा हूँ भाई कंट्री के आए पहले कंट्री से मोहब्बत यह
ये हमारे मजहब का हुकुम में आप कह सकते इस्लाम में कंट्री नहीं है इस्लाम में खिलाफत है लेकिन वह सिमट सिमट के जब टुकड़ों में तकसीम हो गई है तो आप जितने टुकड़े बच गए हैं उनको तो बचाना है ना
यह भी तो इस्लाम का को में सऊदी अरब भी एक रियासत बन चुकी है और बहुत सारे कंट्रीज तुर्की एक रियासत में पाकिस्तान एक रियासत है अब आप इनको तबाह करना शुरू कर दो तो इससे यह थोड़ी हो जाएंगे इससे जो जितने है वह भी धर्म कहते हैं वहीं सऊदी अरब की हिफाजत की जाए तुर्की की हिफाजत की जाए और पाकिस्तान की भी हिफाजत की जाए कोई भी चीज जो सऊदी अरब को तबाही
तरफ लेकर जाए उसके खिलाफ हैं चाहे वहां के बादशाह
सालिम हो या आदि लोग इससे हमें बहस नहीं है सऊदी अरब में बादशाहत आदिल शाह है या ज़ालिम आशाएँ हमने भाषा को थोड़ी देश में हवाई हमले को देखना है रियासत को देखना है इस पर बहस करके क्या करना है कि बादशाह सलामत वाले में यादें लें यह दूसरे दर्जे की बहस है लेकिन रियासत पर समझौता नहीं किया जा
सकता उसके साइड इफेक्ट बहुत खतरनाक है
इतनी दो और दो चार की तरह बात है जो आज
अवाम की खोपड़ी में नहीं आ रही है कोई सियासी लीडरों की बातों में आ रहे हैं कोई साथियों की बातों में आ रहा है और जनाब मूल के झंडे जलाए जा रहे हैं पासपोर्ट जलाया जा रहा है और नीचे कमेंट्स करने वाले उसको अप्रिशिएट कर रहे हैं दिल खून के आंसू नहीं रहेगा क्या क्या तुम तो बलूनी प्रोपेगंडा का जो हमें जो इस्लाम दुश्मन को होते चाहती है
तुम तो बड़े आराम से वह खुद ब खुद कर रहे हो उनको तो कुछ करने की जरूरत नहीं है
आप इस्लामी तारीख उठाकर देखो ब्लू मैया से लेकर आज तक कभी भी इस्लाम दुश्मन के हाथों मैदाने जंग में हम दबानी हुए हम आपको तो ने हमें बर्बाद किया है खुद अपना अपने हमने अपनी रियासत के खैर ख्वाह समझकर उसको हमने खाना शुरू किया है
लीबिया को क्या अमेरिका ने के तबाह किया है
वहीं की अवाम उठी उठी थी हाकिम के खिलाफ और बड़े खुशनुमा नारे लगे थे यदि वह हम इन्कलाब लाएंगे और इन में को हटाकर दूसरी को बताया कि वह वो जो जब ना वो के स्पेल रामटेक शराब पीता है तो फलाना करता है जो वह हटाया तो अब क्या कई मामले भी आगे लीबिया में सौर बसाई पर कब्जा किसका हो गया
इस्लाम दुश्मन को वोटों का कब्जा भी आवाम के हाथ से
वह जो कलाप ही था जैसा मडई था
कुछ तो पावर थी ना उसके पास कुछ तो मिल रहा था तो जो नहीं मिल रहा था उसको लेने के चक्कर में जो मिल रहा था उसे भी गए
तो आज कोई सऊदी अरब के खिलाफ बकवास कर रहा होता है ऐसे में मैंने कहा भाई जैसे हैं तो क्या मतलब यह नहीं होना चाहिए क्या क्या हुकूमत खत्म हो जाए तो क्या तुम समझते हो गई जब हुकूमत खत्म होगी सऊदी अरब की तो क्या कोई स्पीकर इमाम मेहदी आगे हुकुमत करना शुरू कर देंगे
जो रही सही खैर है उससे भी आपको हाथ धोने पढेंगे अब इस्लाह का तरीका क्या है सवाल पैदा तो चुप करके बैठे रहे देखो इस के दो ही तरीके या तो तलवार लेकर चढ़ जाओ
यह जब है जब तलवार हो आपके पास समझने और था
जब नहीं आपके बाल भोले लोग कहते हैं एक शाम मेरे पास आए कहते हैं बच्चा जाओ तलवार लेकर तहस नहस कर दो मैंने कहा कि इसकी क्या दलीलें आपके पास उन्होंने का असल में मैंने का किसी के पास पावर और ताकत नहीं है
लड़ाई के लिए पावर होनी चाहिए जो मैं इस पर तो बीसियों दफा बयान कर चुका हूं मैं उसको विपिन लोग फिर शॉट के लिए लेकर ऐसा हो गया लोगों ने मेरे बयान सेना इस तरह की चीजें निकाल निकालकर देखो कैसी बातें कर रहे हैं
चलाना शुरू कर दी है
वह कहने लगे हम लोग बहुत ताकतवर में पता नहीं है हमें तलवार लेकर चढ़ जाना चाहिए इस्लामाबाद में कब्जा कर लेना चाहिए
मैंने कहा आपको की कहते हैं असल में मुफ्ती साहब हमारी मिसाल उस हाथी के बच्चे की है
जो बचपन में आ गया और बिल्लियों और बिल्लियों में रहा उसको पता ही नहीं कि मैं क्या हूँ
मैं कितना पावर या शेयर की मिसाल है
शेर के बच्चे की है वो कर का शो में पलाऊ उसे पता ही नहीं कि मैं क्या हूँ
कितना पावर तो हमें अंदाजा ही नहीं है मैंने का तो शेर का बच्चा होना साबित कर दें हम लोगों का
आगे मैं तेरी सारी दलील खुद मान लूंगा यह शेर के बच्चे पर फीट आती है यह मिसाल कि जो धोखे से कर का शो में पलाऊ उसको बेचारे को पता ही नहीं मैं क्या शेर लेकिन इसके लिए पहले ये साबित करना पड़ेगा कि बच्चा बाहर किसका है अगर बच्चा बिल्ली का हो
फिर आप उसको शेयरों वाले काम का हुक्म दे रहे हो तो तो उसको शेरों से लड़ा रहे और पावरफुल लोगों से लड़ा रहे हो तो वह जो बिल्ली की दो जो टांगे बची हुई है वो भी चीथड़े उड़ जाएंगे उसके
जब भी आप इस्लामी तारीख उठाकर देख होना पड़े खुशनुमा लेबल लगाकर अपनी ही रियासत को तबाह करने की कोशिश की गई है उससे जो थोड़ी बहुत ताकत थी बनी उमैया कि बाप बनो मैया जैसे मध्य जालिम थे
फ्रांस तक उनकी पहुंच चुकी थी यह पॉजिटिव था या नहीं था
बगावत हुई दो हिस्सों में रियासत तकसीम और जो अपने फोटो हाथी का सिलसिला रुक गया
गिरी यह ठीक नहीं है ठीक नहीं है
बावत हुई और और पहली दफा इस्लामी खिलाफत दो हिस्सों में डिवाइड हुई उसके बाद फिर बरूआ पास आए
वह फोटो हाथ उस तरह से तो नहीं लेकिन फिर भी काम होता रहा उसके बाद जाकर क्या हुआ है कि कुछ फिर के के लोगों को उनसे इसका लाभ शुरू हो गए
शिया सुन्नी जो कहते रहे हैं ये बनवा पास की खिलाफत इसलिए खत्म हुई है के जीवों को हलाल और हराम की बहस चलती है बिल्कुल बेकार बात है
असल जो खिलाफत खत्म हुई है उसमें दो मुसलमानों के फिर को की लड़ाई हुई थी मैं फिर को के नाम नहीं लूंगा क्योंकि उनको हाइलाइट करने से फिर कवायद कम नहीं होती बल्कि और ज्यादा बढती है
जो अकलियत में ठहरना उनको मेजॉरिटी ने मारा फिर
जब मारा है तो फिर उनका इंतकाम लेंगे
हालांकि उनको बर्दाश्त कर लेना चाहिए था कि बातें लोग हैं हमारे जैसे मुद्दा नहीं है लेकिन स्टेट की खातिर गधे को बाप रहना पड़ता है कि नहीं पड़ता
रियासत वही तो उन्होंने क्या किया बनेगा वह लड़ाई में तो हम नहीं कर सकते उन्होंने फिर जो बनी अब्बास के बड़े बड़े ओहदों पर घुसने की कोशिश की चापलूसी करके भाषा की चापलूसी हिकमत हम तो आपके उन्होंने कहा हमने इंतकाम हमने लेना है
यह लड़ाई के मैदान में ही ले सकते हैं ना तो अब हम ऐसे लें तो बड़ी एक लॉन्ग टर्म पॉलिसी बनाई उन्होंने उन्होंने क्या किया के फिर खलीफा के करीब होते होते बड़े बड़े ओहदे हासिल किए खरीफ के राजदार बन गए और खलीफा को बड़ा तमाम हो गया भाई ये तो उधर से तातार यों को लिए बॉर्डर खोल दिया इन्होंने
उसको बोला मैं जाना बॉर्डर भी मेरे हाथ में आ चुका है फौजें वहां से हटा ली
भाषा कोई अंदाजा नहीं था कि यह क्या हो रहा है सत्ताधारियों को दावत दी कि आ जाओ मौका तातारी ने आकर बग़दाद की ईट से ईट बजा दी वह जो आपने अकलियत पर एक इंतकाम के लिए था न कि हमने हम मुनाफे में भी जीत गए और मैदान में भी जीत गए जीत का जश्न
हमलोग जीत गए दी कोई होता होगा जश्न मना रहे होंगे और लोग भी कह रहे में यह परस्ती और देखा यह जो ये लोग जो हमारे मसला के नहीं देते असीम की ईंट से ईंट बजा दी तो वह क्या हुआ वह चापलूसी कर करके भाषा का कुनबा हासिल किया
और यह ऐसी बड़ी साजिश की अगर वह अकलियत में थे जैसे मर्जी थे उनको एक रियासत के मुताबिक रखने के लिए इतनी असीम लेवल पर न जाते हैं
थोड़ा बहुत बुरा असर उन अगर तक चलते रहे हैं मैक्सिम लेवल पर जाते तो रियासत बच जाती इतनी बड़ी साजिश न होती उनको यह शो करा दिया ज्यादा तुम भी एक रियासत के क्या वो एक हिस्सा हो
मैं बार बार कहता हूं कि मजबूरी में गधे को बाप बना ली है आपका नियम बजे को कभी पावनी बनाकर तातारी को बाप बनाना पड़ा अपना
फिर किस को वापस बनाना पड़ा
जवाब मजबूरी में गधे को बाप नहीं बना देना
तो फिर आप गधे के बाप को बाप बनाते हैं जो गड्ढे से भी बड़ा होता है
दोनों ने फिर क्या किया गया कि बाप को भी क्या बना दिया और
तातारी आए हैं वरना बग़दाद की रियासत ऐसी नहीं थी कि वो चंगेज खान बड़े आराम से घुस जाए उसमें एक मजबूत खिलाफत साइंस टेक्नोलॉजी में हमारा कोई मध्यम मुकाबिल नहीं था और हमारी फोटो बढ़ती चली जा रही थी रुकने का नाम नहीं ले रही थी लोग थरथर कांपते थे हम से यूनिवर्स या हमारी थी जहां अंग्रेज पढ़ने के लिए आया करते थे
सब कुछ हमारे हाथ में था एक सिरफिरा उठा और पूरी वारदात की जाती
तो अत हमेशा क्या पहुंचाती है
नुकसान पहुंचाती है
तो जो तो बारदात गया तेल लेने तथा बहुत तक
उसके बाद से वह जो लाखों करोडों किताबें हमारी दरियाओं में बेहद ही हमारा एक पूरा
था उसकी ऐसी की तैसी हो गई है तो अल्लाह ने उम्मते मुस्लिमों पर राम किया खिलाफत खत्म फिर जनाब जो उस्मानी तुर्कों थे
खिलाफत उस्मानिया उठी है वह दुख उठे और इतनी ज्यादा कुर्बानियां दी उन्होंने के फिर खिलाफत उस्मानी पर तुर्की मरकज बना उसका उसने फिर यह ड्रामा शुरू हो गए थे
रूस में क्या हुआ मजबूत तीन चार सौ साल तो बहुत ही स्ट्रांग हुकूमत थी उस वक्त इसराइल का मसला नहीं था बोस का मसला नहीं था खलीफा से यहूदी ने कहा था कि हमें फलस्तीन की जमीन चाहिए उसने का शो पर में मिट्टी ले जाने की इजाजत नहीं है जमीन तो दूर की बात
और जब यह पहली जंग हुई है ना आपकी पहली जंग
इसमें
यूके जर्मनी खिलाफत उस्मानिया कहते हैं आदी था जर्मनी में इस्लाम दुश्मनी आज भी बहुत कम है
बल्कि नहीं है
मैं जब ग्यारह जर्मनी में मां की गवर्नमेंट मेरे पैनासोनिक तो वहां के लोगों से कहा यार ये तो और बुलाओ इनको भाई मैंने ईमानदारी के बयान के ने तो वहां ईमानदारी पाकिस्तानियों में शॉट चल रही है जर्मनी इस्लाम दुश्मन
अभी भी बाद जो कादियानी को तो सपोर्ट कर रहे ना तो कादियानी को भी सपोर्ट नहीं कर रहे जर्मनी आदि यानी होने व ऊंची उठी पोस्टों पर जाकर बहुत कुछ लीगल करके किया हुआ है
हमलोग अब करते ही नियम तो बिजली नहीं बनाते तो पर जज्बाती तस्वीर के साथ भी हो जाते हैं ये लोग जो अकलियत में बड़ी तमीज से काम करते हैं कि किस तरह से किन किन पोस्टों पर जान है तो कादियानी वहां बड़ी बड़ी पोस्टों पर जा चुके हैं
जर्मन गवर्नमेंट को मुझे मुझे जो मेरा तो तेज़ी आएगी कोई साथी मोहब्बत नहीं एकाध यानी उसे
तो जर्मन जर्मनी था ये इसका इत्यादि खिलाफत उस्मानिया का तो आपको पता है उस वक्त बहुत बड़ा तय किया था रशिया ने और बर्तानिया ने
तुर्की तुर्की बताया किया था तुर्की ने सत्रह को नाकाम बना बडे बडे बडे आए थे इनके तो हमारे ऐसी पावर तीरा हमारे पहली जहाजों ने ब्रिटिश को भी शिकस्त दी थी समंदर की लड़ाई में और रशिया को भी शिकस्त दी थी वापस चले गए थे
इतने कमजोर होकर भी इतनी पावरफुल थे
उसके बाद ड्रामे हुए जो अब हो रहे हैं
अब हो रहे हैं अपने ही खिलाफ होना एक तो बहुत बड़ी साइंस टेक्नोलॉजी के मैदान में जितना आगे बढ़ना चाहिए था वो नहीं बड़े बाद भी लोग मुखालफत करते थे नहीं दी यह नहीं होगा बोर्नियो प्रेस पर इतना बड़ा इशू खड़ा हो गया था यौन अपने प्रेस मशीनें लगाकर ठौर ठौर लिटरेचर छापना शुरू किया हमारे यहाँ जो
बहुत ही सख्त मिजाज किस्म के मौलाना लोग थे उनका यह फतवा था के प्रश्न किताबें छापना जायज़ नहीं है
इससे कागज की बेहद भी होती है आज भी तो देखूं बडे बडे शूज को छोड़कर छोटी छोटी चीजों पर नहीं वह यू इश्तेहार फाड़कर नीचे गिरा तो टोनी ने रिसालत केस कर दिया उसके ऊपर हालांकि वह पैगंबर की तो ही नहीं करा पाई वह क्या कर रहा है उसको तो पता भी नहीं रवि का नाम लिखा है लेकिन आप जो भी जुनूनी किस्म के लोग हैं आज उनमें यह अच्छी नजर आती है कि नहीं आती वह सियालकोट में वह विचार
मुस्लिम उसको क्या पता स्टीकर पर या लिए लिखा भाई या लिखा या मोहम्मद लिखा उसने फाड़ दिया विचार की दीवारें खराब हो रही है उसको कत्ल कर दिया लोगों ने यह जज्बात यह आज भी है
जो करने के काम में पॉजिटिव वे में उनकी तरफ तबज्जो नहीं है तो खिलाफत उस्मानी में भी ऐसी जो मजा भी जुनूनी किस्म के लोग थे उन्होंने को प्रेस्ली छापने देंगे हम ब्रेस्ट की मशीनी बने इसे कागज पर लगा नाम लिखा होता है ठप ठप करके निकलेगा जमीन पर भी पेट भी होगी
खलीफा ने बोला बाबू भाई बेहद भी छोड़ो किताबें कैसे छापेंगे नतीजा क्या निकला अब दुखी नहीं और गौरव से मिलता है
और अपने लिटरेचर टप्पा के छापा अपना और हमारे यहां किताब कबूतर की कलम से लिखी जा रही है तो दुनिया में उस वक्त मीडिया यूट्यूब फेसबुक नहीं था मीडिया की पावती किताबों में तो बताओ मीडिया किसके हाथ में चला गया गौरव के हाथ में चला तो उन्होंने इतना प्रोपेगंडा किया मुसलमानों के खिलाफ
इस्लाम के खिलाफ नबी के खिलाफ के नजरिए आती तौर पर तुर्की की आर्मी और कि हम हो गई थी
खुद तुर्की की आड़ में वह नजर आती तौर पर और को अपना बाप मानने लगी थी
और ये कई साल लगेंगे इसमें
ही वो ऐसा भी हुआ है कि थी वह वहां पर जो पहली बेहद आएगा ना तो उसमें पहले खत्म बुखारी बरकत के लिए होगी
उसके बाद को गहरी पीड़ा लगेगा कुरान ख्वानी होगी उसके बाद यौरा थोडा थोडा सा बना रहा था
जाहिर है जो खुदा ने आज तक उस कौम की हालत नहीं बदली अल्ला तो पुराण में क्या कह रहे हूं मसौदा तो मिल हुआ हो भाई रियासत को बचाओ पावर खुद ही तरह को में फारसी तस्वीर करो
इस बीच मजा भी जुनूनी किस्म के कुछ लोग घटा दौर में होते हैं आज भी है
लेकिन लोग फॉलो उन्हीं को कर रहे हैं लोग समझते हैं यही मोहित में रसूल भी है यही आशय के रसूल भी लॉजिक कि कोई भी बात करेगा ना उसको लोग कहते हैं यह हुकूमत का पिट्ठू है यह अमरीका का एजेंट हैं यह
इस तरह की बात कर रहे हैं उसको लोग नहीं मानते तो नतीजा क्या निकला के मीडिया इतना पावरफुल था किताबों का मीडिया कि उसके जरिए लोग नजरिया थी तौर पर और के ढेर जब अतातुर्क ने बगावत की है
तुर्की की हुकूमत की खिलाफत का खात्मा किया है तो कोई उसके खिलाफ बड़ी हिम्मत नहीं हुई
स्वामी ने उसके ज्यादातर आर्मी ने उसका साथ दिया नतीजा क्या निकला वो जो यार बीस बाईस मूल थे जिन पर एक हमारा पासा हुआ करता था
बीस बाईस मूल क्या खिलाफत थी
आज भी उसके साथ नजर आएंगे आपको सऊदी अरब में
ट्रेनें जनरल तो वहां से आया करती थी हरम की तामीर के लिए तुर्की से पत्थर लेकर आए वह अभी तक पुत्री भी उसकी साहब क्या हो गया
ऐसी की तैसी हिंदुस्तान में भी यही हुआ है
हुक्मरान जलालुद्दीन अकबर जब आए थे देना जलालुद्दीन अकबर जैसे पचास सालों लेबल वह बिल्कुल खिसक गया था उसका दिमाग
वह इतना बदगुमान हो गया था कोई एक फिर के का मौलवी जाकर उसको को समझाता दूसरे फिर के कमल भी जागे उसको को समझाता तीसरे फिर के कमल दिया को उसकी खोपड़ी तक होना शुरू हो गई
और जो अहले को लंबा ना जिनको चाहिए था
हुकूमत के करीब जाते
वह दूर हो गए उन्होंने फतवे देना शुरू कर दिए जलालुद्दीन अकबर द्वारा ऐसा यह तो नमाज नहीं पड़ता है यह तो हिन्दी खाता है यह तो फलाना करता है
उससे क्या हुआ ओलमा से हुकूमत के फासले कम होने के बजाय बढ़ना शुरू होगा
क्योंकि उस दौर में भी ऐसा तो जो हाकिम के पास हथियार लेकर जाता है उसको समझाने के लिए लोग कहते हुकूमत का पिट्ठू
और कमाल की बात है चाहते भी वही लोग थे जो वाकई होते थे
जिनके साथ ही बर्बाद होते हैं जिसको अपना प्रॉपर्टी चाहिए को प्लॉट चाहिए कोई जनाब कोई जाति मसला करवाया के ने किसी को टंकी आबा तो कहीं से के लिए किसी को टंकी आबा कहीं से को कहीं इन दोनों को किसी और ने टंकी ये लोग जाते थे
भाषा को बताता मेरे पास जो मजा भी स्कॉलर भी आता है ना वार्ता अपने चक्कर में भाषा तो मुरली तो गया था
फिर उसने नया तीन बनाया आदि ने अकबरी के नाम से मुझे दल सारणी रहमतुल्ला बहुत बड़े वाले बुजुर्ग उन्होंने बादशाह का गौरव हासिल किया उसको हम उससे लेने के बजाय दिए देना शुरू की गई इस साल मेहनत की जो मुतास्सिर मौलवी थे उन्होंने मुझे सारणी के खिलाफ फतवे दिए
मैं अगर हल्फिया बोलो ना हो ही काम जो आज जानें तो रशीद के साथ हो रहा है ना
वही काम मुझे दल साहनी ने किया और वोही ताने जो तो रशीद को दिए जा रहे हैं सौ फीसद वही ताने मुझे जो स्थानीय रहमतुल्ला को दिए गए थे
जहां में तो रशीद ने एक ठेला न कभी इस्टैब्लिशमेंट से लिया ना कभी इमरान खान से लिया न कभी नवाज शरीफ से लिया
जो मदरसे की हालत है दो दो तीन तीन महीने उस्तादों की तन्हाई नहीं है इंतजामात क्या लगते हैं यह फौज के लोग हैं क्या फौजी में कभी ऐसे देखा कि उनके लोगों की तन्हाई दो दो महीने में मिल रही हूं
और जब यह दीनदार लोगों से सुनता हूँ मैं दिल खून के आंसू होता है
भाई तुम दूसरी फिल्में में मेहनत कर रहे वह भी बहुत है तो कोई एक और दूसरी फिल्में कर रहा है तो बदगुमान क्यों होते हो गई तो
इल्जाम क्यों लगाते हो तुम
जिसे देखो यार ये असल में चौदह मनाया में तो रशीद ने एक दीनदार आदमी की बात कर रहा हूं मैंने का कल जामिया में चौदह मनाया जाएगा उन्होंने कहा तो हुकूमत के पिट्ठू है यह तो बनाएंगे
मैंने कई बार चौदह अगस्त मनाना हुकूमत का पिट्ठू गई तो मूल की मोहब्बत दिल में पैदा करना चाह रहे हैं
इसका हुकूमत के पिता होने से क्या ताल्लुक है
हम अपनी जडें क्या कर रहे हैं
न खुद कुछ करो न दूसरे को करने दो
दीगर अलावा दूसरी फिल्म में काम कर रहे हैं उसमें आगे बढ़ रहे हैं तो वह भी बहुत अच्छा काम है अगर यह इस ट्रैक पर काम कर रहे हैं तो बुद्धदेव सारणी राम का तरीका था मुझे इंसानी ने हुकूमत के खिलाफ फतवे बाद ही बन बन कर जीवन का कोई फायदा नहीं से कुछ नहीं बिगाड़ सकते तुम गवर्नमेंट का मुझे सारणी ने अकबर बादशाह कपूर हासिल किया और
पहले उसको यह पावर कराया कि मैं तुमसे तुम्हारे फायदे के लिए मिलता हूँ अपने फायदे के लिए अमल से साबित किया अमल से एक मुझे कुछ नहीं चाहिए सो यकीन आ गया के मौलवी मोहल्ले से
जब यकीन आता है न कि यह वरना आप जब भी कोई दीदार आदमी किसी के पास जा रहा और मादुरो से की बात करके आगरा वाले इतने पैसे चाहिए तो समझ जाएगा कि यह क्या कर रहे हैं
भाई तुम कहानी कुछ और है
मैं तो में होना तीन महीने से मेरी तन्हाई में लिए जामिद रशीद में
जो भी तनख्वाह नहीं मिली है एक करेंगे फौज के लोग है मैंने एयर फौज के लोग होते मेरा वाले हमारी तनखा तो हमें टाइम टेबिल देना
जी
थे में प्लॉट होता मुफ्ती अब्दुल रहीम साहब मेरे उस्ताद हैं उन बेचारों के बाद एक बार इस प्रॉपर्टी अब भी नहीं है
एक साहब आए मेरे सामने उनके मुरीद थे उन्होंने मेरे सामने उनके प्लॉट की फाइल हदिया दे दो ढ़ाई करोड़ का प्लॉट तक आपको गिफ्ट है उन्होंने कई शर्तें लूंगा मैं फौरन आगे
यह सटका कर रहा हूं मैं प्रॉपर्टी अपनी मिल्कियत में रखता ही मेरे सामने का वाकया कि कई तुम यह ने ऐतराज करोगे मैंने इतनी मेहनत से के प्रिय था आपने क्या कर दिया सत्ता कर दिया
मेरे सामने का दिया ये और चंद दिन पहले की बात है उसने दो ढ़ाई करोड़ की प्लॉट उठने का आप जो मर्जी करें उन्होंने लिया और मेरे सामने आ गए वो
कर दिया इदारे के लिए जामिया के लिए
तो लेने में भी बड़े खानदानी के लिए में फिर तो हमारे काफी सारे ऐसे ही है जो लोग कहते हैं मौलवी ऐसे आप जाओ पदों की खिदमत में जाकर बैठो
जोन में देवबंद हैं जिनको आज सुबह शाम बुरा भला कहा जाता है मुशरिक कहा जाता है आप और है मानव थाने की खबर देखो पता चल जायेगा मुस्लिमों की खबरें ऐसी नहीं होती तो कहते हैं अपने नाम का कलमा पढ़वाया जितना मौन असरफ अली थानवी के शागिर्दों ने खत में नबूवत का दीपा किया इतना किसी भी नहीं किया होगा तो कुर्बानियां दी है
दो बोल देना आसान होता है दाखिल करेंगी में आप जाओ कितनी थोडी थोडी तनख्वाहों पर
असाध्य की मेहनत देखो आप विनोदी टाउन में जाओ जामिया फारुख या में राव आपको इतनी कम भाव पर और फिर रिटायरमेंट में भी कुछ नहीं मिलता
ऐसे असाध्य पूरी पूरी जिन्दगी लगा रहे होते हैं उनके बच्चे बिचारे पांव में चप्पल नहीं होती उनके इतनी कुर्बानियां दुनिया में कोई तबका नहीं देता आपने दो नंबर मॉल भी देखे और देखकर चावल की तरह सबको एक ही लाठी से आंकना शुरू कर दिया खैर
क्या बात कर था कि की से ले गए
तो मैं वह खिलाफत उस्मानिया की बात कर रहा था वहां भी भर यही हुआ है नतीजा क्या निकला खिलाफत जहां मुझे डिटेल सारणी रहमतुल्ला लें तो उन्होंने मेहनत की जलालुद्दीन अकबर पर इतनी मेहनत की इतनी मेहनत की मोहब्बत से समझाया उसके शहजादों को समुदाय शहजादे से कहा कि मैं वादा करता हूं अगर अल्लाह मुझे जन्नत में लेकर गया ना मैं उस
तक नहीं जाऊंगा जब तक तुझे नहीं ले जाऊंगा
उनके दिलों में मोहब्बत यादव और फिर बर्बाद नहीं क्योंकि भाषा को पता होता है यह जो मक्खन लगा रहा है ना
अमल थे साबित करनी चाहिए हमें कुछ आपसे कुछ भी नहीं चाहिए हमें आपसे
नतीजा क्या निकला जलालुद्दीन अकबर कलमा पढ़ के दुनिया से गया है
हिंदुस्तान में जो इस्लाम बच गया ना तभी तो उनको मुझे दीदी अल्पेश शाह ने कहा जाता है आप फतवा देने वाले बहुत हैं यूट्यूब पर हर थोड़े दिन बाद कोई के लिए बार रहा है या मौलवी ऐसा यह निजाम की तब्दीली की तो बात ही नहीं करते
और भाई निजाम की तब्दीली का आप बाद आप भी सिर्फ बात कर रहे हो आपके पास रोड मैप क्या है आप प्रैक्टिकली निजाम की तब्दीली के लिए क्या कर रहे हो वो आप आवाम के सामने पेश कर दो लोग खुद देख लेंगे कि वह नहीं कर रहे आप कर रहे तो आपको फॉलो करना शुरू कर देंगे यह कहने की क्या जरूरत है बोनी कर रहे वह नहीं कर रहे नहीं कर रहे हैं
आज एक साहब का के लिए सुना वह कह रहे हैं कि यह मस्जिदों में जाना
लोगों की गाइडेंस मस्जिद से नमाज रोजा के लिए रह गई है और मस्जिदें जो है ना वो उसमें तो लोगों को सियासी रहनुमाई मिलनी चाहिए
आप यह कहने की क्या आप एक मस्जिद बना दो ऐसी उसमें वह काम करो जो आप चाह रहे हो जब सब देखेंगे यह वाली मस्जिद में इतने अच्छे काम हो रही है वाली शादियों की बातें हो रही है संवाद यहां पहुंचेंगे
काम धेले का नहीं छोड़ा और जो लफ्जो मस्जिदों में जुकाम हो रहे सभी लोगों को करता रहे हो
तो बनकर ही मिलाकर बन कर रहे भी यहां सभी करा दिया और यहां भी कुछ नहीं है
तो सिवाय इसके कि लोग अलावा से बदगुमान और आपके पास कोई पैकेज तब्दीली वर्मा तब्दीली की बात नहीं कर रहे आदिगुरु हर दूसरा बंदा उठेगा मौलवी तब्दीली की बात नहीं करते हैं मौलवियों तो जो की नस में लगे हुए बदले नजरी के खिलाफ टीवी नहीं देखो फिल्म नहीं देखो ये ये छोटी छोटी बातें लेकर बैठे में निजाम की तब्दीली भाई राम की तब्दीली की आप भी बात कर रहे हैं
आपके पास कोई इसका पैकेज नहीं है जिनके पास पैकेज है जाकर देखो वह कर रहे हैं
आप मिला उनसे पता चलेगा बहुत बहुत कुछ कर रहे हैं वो बातें कम कर रहे काम तो ज्यादा कर रहे हैं
दो
मुझे डीलर सारणी रहमतुल्ला अलैह की मेहनत से अकबर भाषा भी तीन एक बड़ी का प्रोजेक्ट उसने खत्म किया और आलमगीर रहमतुल्ला जैसे भाषा पैदा हुए उनकी औलादों में जो टोपियां देश के वो हिंदुस्तान था क्या बांग्लादेश भी था वर्मा भी था पाकिस्तान भी था इतनी जबरदस्त पावर थी उसके पास और उसका
भाषा क्या करता था टोपियां बेचकर गुजारा करता था टोपियां सीता था
यह हमारा शानदार मासी इसमें किसकी मेहनत थी
जिनको लोग कहते थे हुकूमत के पिट्ठू तो काम जिसने नहीं करना होता बैठकर बातें फेक तरह बहुत भी बुरा वह भी ऐसा वह भी ऐसा है जिसने रियासत से मोहब्बत होगी मुझे डिटेल सारणी को अकबर बादशाह से कोई मोहब्बत रिड्यूस काम काबिल नहीं था कि उसे मोहब्बत उनको था कि भाई रियासत जो हिंदुस्तान की बचेगी ना इस्लाम बचेगा वो हुकूमत ही
के हाथ में सब कुछ होता है
या तो बावत करो वह नहीं कर सकते तो फिर कुछ और इसी को ठीक करने की कोशिश करो ना अभय भाई जो औरत अपने शौहर औरतों के मियां बहुत सारे मार्केट में खराब चल रहे हैं तो हवा तीन जब से मशवरा लेती है मैं कहती उसे तलाक मांगने के लिए तलाक लेकर हम कहां जाएंगे हम दोनों नहीं जाएंगे हम तो बर्बाद गधे को बाप बना फिर क्या के
जब इससे तलाक लेने में नुकसान है तो फिर क्या को बर्दाश्त करो और इस्लाह की कोशिश में लगी तब लिए वालों से दबाकर बयान उसके लिए दुआ यही होगा अब लड़ाई से काम नहीं चलेगा कि आप आपका या अच्छा नहीं है तो आपने भत्ते कर करके उसको तो दो तरफा पत्ते चलेंगे
फिर वह मारपीट होगी और पड़े मसाइल खड़े हो जाएंगे यह तलाक दे देगा आपको जो आप चाहते ही नहीं हो तो या तो आपके पास पावर है
पावर का इस्तेमाल नहीं हो सकता तो कंप्रोमाइज के अलावा आपके पास कोई रास्ता नहीं है तो शौहर को बर्दाश्त करना पड़ता है बड़ी मुसीबतों से बचने के लिए छोटी मुसीबत को लेकिन साथ साथ की पॉजिटिव वे में कोशिश तो यही तमाम रियासत में इस्लाह का निजाम की तब्दीली गए यही है
या तो पावर आपके पास हो जब वो नहीं है तो फिर भाई पॉजिटिव में अच्छे लाभ के साथ बदतमीजी से हटते हुए आप इस की कोशिश करो यही निजाम की तब्दीली है जो बैठे भी उन्हीं को ठीक करने के कोशिश और यह दिमाग से निकाल तो यह ठीक नहीं होंगे यह भी तक पुराना जुमला भी कहते हैं ना यार ये इतने बुरे हैं यदि कोई नहीं सकते इसका मतलब दुनिया में अच्छे
सिर्फ आप ही हो आप ही हो जो कोई गुनाह करो तो तो की तौफ़ीक़ मिलती है आपके अलावा सारी दुनिया में दो नंबर है मेरा भी यही नजरिया था के सारे दो नंबर है जब आदमी चलता फिरता है ना तो टॉपर लेवल के लोगों से भी मुलाकात होती मैंने पीपल्स पार्टी में ऐसे ऐसे लोग देखे मुस्लिम लीग में देखे पीटीआई में देखें जीयूआई में देकर हर जमात में लगा कि यार
कहीं भी पूरी कोई जमात बुरी नहीं है
उसमें बड़े बड़े अच्छे लोग हैं उन अच्छे लोगों को प्रोमोट करके उनकी टाइप करके उनको उनको अच्छे मशवरे देकर उनको आगे लाया जा सकता है और जो अच्छे नहीं हैं उनको अच्छा बनाने की कोशिश की जा सकती लेकिन मेम्बर पर बुरा भला कह के नहीं होगा यह काम मेंबर पर जब मैं बोल डुमरा फहराना ऐसा धमकाना ऐसा आप
मेरी तारीफ पड़ोगे यूट्यूब पर मेरा के लिए बिलियन में चला जाएगा लोग कहेंगे इसको बोलते हम पड़ा डंके की चोट पर
बुरा कह रहा है किसी से डरता बता नहीं है लोगों ने बल्ले बल्ले हो जाएगी
रिजल्ट तक एक नहीं निकलेगा
आज यही हो रहा है स्कॉलर्स खुल खुल कर बोल रहे हैं वह ऐसा फलाना ऐसा अब इसका फायदा क्या हो रहा है तो रिपोर्ट पेश कर रहा है कि कौन कहता है
तो रिपोर्ट है क्योंकि दे रहे हैं वह में पर लेंगे कौन कैसा है
तब्दीली के लिए तो क्या कर रहे हैं तो तब्दीली के लिए हमारे मदारी कर रहे हैं
की हमें भी लगे हुए दीदी मदार इसके जो जमात है ना आठ साल जो हमारे दीदी मदार इसमें नेताओं ने दारुल उलूम फरंगी जामिया सिर्फ की आय में यह बार बार मदरसों के नाम हाईलाइट इसलिए करता हूं कि आप फतवा शख्सियतों से नालो इदारों से लो आज हर शख्स एक नया मसलक लेकर आ रहा है इदारे गलत
थी
इदारों में गलती का इमकान बहुत कम होता पूरा पैनल उतावला का में बार बार मदारी को हाइलाइट करता हूं
बाबैन मदारी में जाकर देखो कैसे कैसे गांव देहातों के बच्चों को आठ साल पढ़ाते हैं मैं हल्फिया बोलता हूं अगर यह मदार इसने इन हजारों बच्चों पर मेहनत न की होती इनमें नब्बे परसेंट चोर और डाकू निकल सकते थे वो आपके लिए आपके पास तो जापान की तरह कोई कूलिंग सिस्टम नहीं है कि लोगों को टमी सिखाई जा रही है सिस्टम
आप सिर्फ के रोड़े फिर कवायद सिखा रहा हालांकि मदारी सिकरवार अपनी सिखा रहे फिर करवा रही है जो भी मौलवी करना होगा किसी मदरसे का फायदा नहीं होगा
उठके कुछ उसने पढ़ ली और बन गया कुछ आमतौर पर जो मदारी से फायदे होते हैं उनमें ये चीज नहीं होती
लेकिन अगर यह इतना बड़ा तबका आपके पास जापान की तरह स्कूल नहीं है जहां बचपन से टमी सिखाई जाए आपके स्कूल में तमीज है
तो अगर यह मदारी वाले इतने बड़े तबके को आठ साल पड़ा के आलिम न बनाते मैं नहीं कह रहा को बहुत अच्छा रिजल्ट आ रहा है कुछ लोग तो अपनी काबिलियत से बहुत अच्छे भी हो जाते हैं लेकिन शहर को कम करने में जितना दीनी मदरसों का किरदार है इतना किसी तारे का किरदार नहीं है
ऐसा रिजल्ट निकलता नगरीय मदार इस ना होते तो मदद की मोहब्बत दिल में डाल देते हैं तो कुछ मजा भी पाबंदियों की वजह से आदमी बचाता है
वरना का बस्ता भाई देखो या तो कानून मजबूत हो
जापान की तरह बचपन से स्कूलों में ट्रेडिंग और कानून भी हो या फिर अल्लाह का खौफ है तो मदरसा का खौफ थोड़ा बहुत पैदा कर देता है
जिससे कुछ बुराइयों का जिससे मौलवी तैयार होते हैं जो बस में बैठ के निजाम की तब्दीली की बात नहीं कर रहे मगर को थोड़े बहुत सिखा देते हो कि बता देते तो तुम्हारे तुम्हारी बीवी देना मत करो घरेलू लाखों के नुकसान आप बता देते हैं विरासत बता देते हैं बहनों की विरासत की अगर रहते हैं तो आपको अगर चाहिए कि निजाम की तब्दीली की
बातें होनी चाहिए मस्जिद में और सियासत होनी चाहिए तो आप एक मस्जिद बना लो भाई में भी आगे बयान सुनकर में बहुत ऐसा मेरे पास आए कि मैं ऐसा घूमकर में प्रोजेक्ट शुरू कर रहा हूँ आप मुझे प्रोमोट कर मैंने का तो कर ले पहले शुरू ऐसा तो
प्रमोद करो बाद में टूटे दिल में मैंने उसको तो नहीं बोला मैं तुझे प्रोमोट करूं
कि तेरे इतने बड़े बड़े प्रोजेक्ट ने बाद में तो दो नंबर आठ में निकले पैसा खाकर भाग जाए तो आप कुछ करके दिखाओ
जब आप कुछ करके दिखाओगे तो आपके कहने की जरूरत नहीं होगी हम आपको ही क्या करेंगे
प्रमोद में और एक हॉस्पिटल में बड़ा अच्छा काम करने मैंने बा अमली मैं तो बयान के लिए गया था जब मैंने देखा यार इतने गरीबों का फ्री इलाज हो रहा मैंने बाकायदा के लिए उनको कहा कि बनाएं ट्रिलियन था उन्होंने मुझे कहा मैंने क्लिप बना में आपका हॉस्पिटल को प्रोमोट करूंगा कि लोग इसको चंदा दे क्योंकि इतना मैंने देखा वह गरीबों का इलाज हो रहा है डायलिसिस पर इतने महंगे महंगे इलाज फ्री में हो रहे हैं मैंने का
भाई आपको कहने ही तो हमारा भी फरीदा यार हम तो देख रहे कितना अच्छा काम और है तो मैंने उसको का तो प्रोजेक्ट भाई शुरू कर दें मैं देखूंगा तो आपके कहे बगैर प्रोमोट करूंगा नहीं तो आपके कहने से नहीं तो यहां भी यही मसला है कि आप जब निजाम की तब्दीली और होना चाहिए तो जो होना चाहिए वहां बनके दिखा दें
ठीक है ना लोग खुद गैंग वाली मस्जिद में बोनी और उसमें को वाला काम हो रहा तो लोग खुद आएंगे लेकिन यह नहीं करो कि मौलवी ऐसे मौलवियों मौलवियों और यह यह भी नहीं करते यह भी नहीं करते यह भी नहीं करते तो लोग मौलवियों से भी हट गए और लामा से भी बदगुमान हो गए आपके पास भी कोई पैकेज नहीं है
तो क्या होगा बीच में लटक गए वो फिर मूल हित बनेंगे थोडे दिनों में इनकी नस्लें एटीएस बनेगी
यह नतीजा निकलेगा तमाम दवाएं बच्चों की पहुंच से दूर रखें बयान वहां से चला था कि द चला गया खुलासा यह निकला कि असल में तो मैं यह बताना चाह रहा था कि आज जो प्रोपेगेंडा करना है कर लो लोगों को भी उल्लू बना लो पाकिस्तान के झंडे भी फाड़ दो पासपोर्ट भी जला दो और बड़ा लोगों का ना बाबा ले लो के बड़े परस है जैसे
मुशरिक को धमकी दी है ना नबी को तसल्ली दी है
एनएबी या तो यह बातें कर रहे हैं कल क़यामत के दिन इनको इस पर हसरत और अफसोस होगा तो अल्लाह ने आखिरत रखा है इंसाफ दिन आज बहुत से जलील है कल कयामत में इज्जतदार हो जाएंगे आज बहुत से हिस्सेदार हैं दल कयामत में जलील हो जाएंगे ठीक है ना इसलिए अल्लाह को सामने रखकर तब सड़क या करो कि
अलग के सामने इसका जवाब देना है
को सामने रखकर बात किया करो
आज में घर से निकला जो स्ट्रीट गार्ड होते हैं
जो गलियों गार्ड होते हैं
मैंने उनसे पूछिए आपकी तन्हा की दुनिया बारह घंटे ड्यूटी देता एक बंद बारह बारह घंटे दिन में फिर वो चेंज होगा तो रात में बारह घंटे के लिए अलग
परीक्षा बड़ा सा धूप में बैठे रहते हैं
तो मैने पूछा तन्हा कितनी है उसने कहा कि काटकर के साथ हजार रुपए मिलती है
बेचारा बड़ा परेशान बगैर है और हालात देखो दफा यह है
दूसरी गली के गार्ड यही पता चला दी सब पता चला दी जितने भी गार्ड हैं इनकी तनखा आठ हज़ार दस हजार सात हजार यह चल रही है
आपको क्या रिपोर्ट पेश कर रहा हूं मुझे ख्याल आया कि हम लोग सुबह शाम हुक्मरानों को बुरा भला कहते हैं इन्होंने हमारा खून चूसा हुआ है इन्होंने हमारा ये किया हुआ है यह किया हुआ है
मुझे लगा कि अब बिल्कुल सही को किया वे हमारे साथ जो होना चाहिए हम ला
वही हो रहा है
आप बताओ यार चालीस चालीस घर एक गली में होते हैं
पूरी गली की हिफाजत के लिए एक बंदा अट्ठारह गली मोहल्ले वालों की जेब से इतने पैसे नहीं निकलते हैं कि इस कमबख्त को पच्चीस तीस हजार रुपए तो कम कमसकम डोना मैं नहीं कह कि आप उसको ढाई लाख रुपए का तमगा दे दें
जब मैनेजमेंट से बात करो इंतजाम करते भाई लोग देते ही नहीं एक ऐसे से लोगों के घर से
क्या इतनी कुव्वत महंगाई है आप गैस का बिल भी तो दे रहे हो बिजली का बिल भी तो दे रहे हो
आप बच्चों की भारी भरकम फीस दे रहे हो एक आदमी जो भीख नहीं मांग रहा जो डाकू नहीं है चोर नहीं है
बारह घंटे आपको नजर आ रहे बैठा है वो
उसकी मेहनत तो आपको नजर आ रही है ना वह चोर होता तो यह काम थोड़ी करता हो
प्रेम गली मोहल्ले वालों की जेब से
पैसे निकलने के लिए जाना बहुत आ रही है
तो जो हो रहा है ना हमारे साथ मुझे लगा कि हम दुल्ला मूल के हालात एकदम बेहतरीन जा रहे हैं
बेहतरीन हालात जांच से पता चलता है कि हमें अगरबत्ती राजा बनाते तो हमने भी इसी तरह खून चूस मैं आपको खुद लोगों को के साथ में के आठ हजार रुपए चोरी नहीं करेगा क्या मुझे खुद बताओ यार
मेरा इंटरव्यू लिया कितने बच्चे क्या वह हो मैंने तो कैसे बैठ पागल है तो कहीं और काम कर झा के
में कहा जो तलाश करो
किधर जाऊं मुलाजिम तो नहीं है तो जो है उसको तो कम से कम दो इतना लेकिन आप जरा मांगना शुरू करो ना इस मोहल्ले से गली के कोने से कि हजरत वह गार्ड है बेचारा सात हज़ार आठ हजार टन खाद्य रहे हम चाहे उसकी पच्चीस तीस हजार तो होना से बारह घंटे एक आदमी तो बचा क्या उसके बाद आगे तो सोने का टाइम बच गया बैतुल खाला का टाइम
गया और कितना बचेगा उसके पास और फिर उनकी छोटी भी नहीं होती
भी तन्हा अलग कटेगी एक दिन छुट्टी करेगा वह वह कटेगी अलग टन था
तो लेकिन आप अभी सर्वे करोना गश्त करो यहां से जी हम गार्ड की तनखा पढ़ाना चाहते हैं तो एक आठ बन्दे के अलावा कोई भी
एग्री नहीं होगा बल्कि मैंने यहां लोगों से पूछा उन्होंने कई आठ हजार भी सब देख रहे हैं यह तो जिन घरों से तीन हजार तो मैं देता हूं मुझे याद आया
गैरी स्ट्रीट गार्ड जो मेरे गार्ड नहीं है पर्सनल गली के गार्ड है
तीन तो मई दे रहा हूं
पत्नी बाकी लोग क्या दे रहे होंगे
दो तो मैंने उनसे अकाउंट नंबर लिया वह पहली तारीख को में डायरेक्ट डाल देता हूं
दो ये किस कदर हम भिकारी को दे देंगे हमारी कौम की
का यह दिमाग रहना सेटिंग आउट चोर डाकू को तो आईफोन से निकालकर कराएंगे
वो सिर्फ यह वाला फोन मांग रहा था आपने शलवार की जेब में हाथ डालकर जो कुछ है उसको पकड़ा दिया तो बेहतर है कि डाकू बन जाओ चोर बन जाओ ठीक है ना उसकी इज्जत भी होगी उसकी खिदमत भी होगी
और अगर आप मेहनत मजदूरी पर आ गए तो जो सुबह शाम हुक्मरानों को चोर लुटेरा और क्या क्या बोल रहे होते हैं वह खुद भी आपके साथ बावन नहीं करेंगे तो यह जीती जागती मिसाल है मैं नहीं समझता है इस मोहल्ले में कोई सिक्योरटी गार्ड को बीस पच्चीस हजार नहीं दे सकता इस मेले में ऐसे लोग हैं अपने बच्चों की भी पच्चीस पच्चीस
रुपए स्कूलों में फीस दे रहे हैं
तो यही होता है आप कोई भी सिनेमाई काम करूंगा पैसे ही नहीं करता जेब से मुझे बड़ा दर्शाए बनेगा तो जिंदा यह तो चोर बड़ा अब तक बना क्यों नहीं छोड़ी है
ऐसा आप मेरा बयान सुनकर बन जायेगे रहे हैं और मुझे भी तो पोंटी चड्ढा का ख्याल आया था मुझे किसी ने मोटिवेट ने किया था
चोरी तो हराम है भाई तक यदि हराम है
मैं तो समझाने के लिए बता रहा हूँ भूखा मर जाए चोरी ना करें इंसान भूखा मर जाए
यदि न करें इंसान हराम का एक निवाला इंसान के खून को पलीद और गंदा कर देता है
लेकिन मैंने कहा शाबाश है भाई ये जवान लोग हैं बिल्कुल सारा दिन बैठे हुए और तुम तन्हा उनको क्या दे रहे हो फिर वीडियो साथ ही जी गली में डाकू आया और जो गाथा वह भाग गया
बेहतरीन काम किया गार्ड है सात हज़ार में अगर वो नहीं भागे ना तो वह पागल है
बेवकूफ एक नंबर का के जो काम उसकी तनख्वाह देने के लिए तैयार नहीं है वह उसकी खातिर अपनी जान पर खेलेगा मैंने तो खुद गार्ड से कहा कि जहां शक्ति होना भाग जाना
मैंने डरा सा होना कोई बंदा और है
छोड़ना भी एक चार सौ की चैता को फौरन भाग जाना इतनी बेवकूफ दुनिया में कोई नहीं होता जो तो जॉर्ज सात हजार और दस हजार टन देने वालों के लिए जाम देगा
तो असदुल्ला बेटे
उस दिन या दो हज़ार सात की बात है गली में गार्ड था
रात को बेटा बना खर्राटे लेकर हो रहा है
सही कह रहे दस हजार में सत्तर साल में
यह भी बड़ी कुर्बानी है कि बैठे बैठे सो रहे हैं
वरना तो लेट होना चाहिए ना लेकिन वो आपकी खातिर क्या कर रहा है
बैठकर बैठे रहना एक बंदा आया उसकी हो रहा है फल ले ली और बड़े आराम से लोड बोर्ड की किया चैक किया वहां पर हाथ में पकड़ा गया
चला गया अगले दिन क्या हुआ उसके करीब एक बाइक खड़ी थी एक चोर आया पूरी पाइप से लेकर चला गया मुझे बड़ा गुस्सा आया गार्ड ड्यूटी पूरी नहीं कर रहा यह कर रहा है
मुझे पता चला कि तन्हा कितनी है
सात हजार तो मैंने का यह इसको शाबाश देनी चाहिए कि यह भी पेट्रोल चोरी कर सकता था
इसने सात हजार टन के होते हुए भी पेट्रोल चोरी नहीं किया सिल्हूट
तैयार
क्या खयाल है
और ये यह कर सकता था के चारपाई पर जाकर सो जाए
जगाए बजाय पता ही न चले सब लोग हर वक्त थोड़ी देख रहे होते हैं लेकिन इसकी हिम्मत है के कुर्सी बैठती है हुए हैं
तो भाई हम सब ऐसे ही है ज्यादा गहरा जब हमारे हाथ में घूमता है कि न तो हम थेरॉन से दो हाथ आगे निकलेंगे तो हुक्मरानों को बुरा भला कहा लेकिन अपने आपको ज्यादा गालियां दिया करो
बड़े बहुत ही बुरे हालात हैं कि मैं उस बात को सत्तावन करता रहता हूँ आपको वह आप भी तो तकरीरें कर रहे हो ना मैं तो वैसे ही मुझे बता दें कि कितनी टन का तो मैं तो वैसे ही थोडा बहुत कभी मैंने देखा जा बेचारा सारा दिन रूप में बैठा रहता है
थोड़ा सा कुछ पैसे पकड़ा दिए कभी कुछ चटका कर दिया कभी कुछ लोगों ने मुझे पैसे दिए भी होते हैं वोट दे दिए गए को दे दो
वह तो मुझे नहीं देश को दे तो कोई मुस्तहब हो तो मुझे लगा यही मेहनत भी कर रहा है बढावा बारह घंटे आप तरह बैठकर तो देखो बारह घंटे तक गया एक दिन दो दिन पूरा महीना तो कौम की हालत ऐसी है
दो आगे कि आप क्या था वर्करों को

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