अंग्रेजों के बनाए 160 साल पुराने कानून होंगे खत्म! IPC, CrPC और एविडेंस एक्ट की जगह देश में लागू होंगे नए कानून, ये होंगे बदलाव
10 August 2023 parlament
गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लोकसभा में राजद्रोह कानून को खत्म करने का भी ऐलान किया है. उन्होंने कहा, 1860 से 2023 तक देश की आपराधिक न्याय प्रणाली अंग्रेजों द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार कार्य करती रही. लेकिन अब इन सभी पुराने कानूनों को बदला जाएगा. इन तीनों के ड्राफ्ट बिल लोकसभा में पेश किए जा चुके हैं.
180 दिन के जांच समाप्त कर ट्रायल के लिए भेजना होगा.
गलत पहचान बताकर यौन संबंध बनाने वाले को अपराध की श्रेणी में रखा गया है.
533 धारा बचेगी, 133 नए धारा, 9 धारा को बदल दिया गया, 9 धारा को हटा दिया गया हैं IPC में
475 गुलामी की निशानियों को समाप्त किया गया.
इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, एसएमएस, लोकेशन साक्ष्य, ईमेल आदि सबकी कानूनी वैधता होगी.
अदालत के कार्यवाही को टेक्नोलॉजी के जरिए होगी, पूरा ट्रायल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो पाएगा.
नेशनल फोरेंसिक टेक्नोलॉजी और अन्य विद्वानों को इसमें इन्वॉल्व किया गया है.
सर्च और जब्ती में वीडियो ग्राफी जरूरी होगा...इसी के जरिए पुलिस दोष सिद्ध करेगी.
7 साल से अधिक की सजा वाले केस में फोरेंसिक रिपोर्ट आवश्यक होगा.
लोअर, जिला, राज्य स्तर के हर कोर्ट को 2027 से पहले कंप्यूटराइज्ड कर दिया जाएगा
दिल्ली में हर जगह 7 साल से अधिक सजा वाले केस में फॉरेंसिक की टीम को अनिवार्य कर दिया गया है.
यौन हिंसा में पीड़िता का बयान जरूरी होगा. इसके अलावा, पीड़ित को सुने बगैर कोई केस वापस नहीं लिया जा सकेगा.
गैंगरेप के लिए अधिकतम 20 साल की कैद होगी. और नाबालिग से रेप पर अधिकतम मृत्युदंड दिया जाएगा.
पीट-पीट कर हत्या पर अधिकतम फांसी की सजा.
गलत पहचान प्रकट कर यौन संबंध बनाने वाले को अपराध की श्रेणी रखा गया है.
मॉब लिंचिंग के लिए 7 साल की जेल होगी.
दाऊद इब्राहिम जैसे भगोड़ा अपराधी की अनुपस्थिति में ट्रायल होगा और सजा का भी दी जाएगी.
राजद्रोह को खत्म और संगठित अपराध और टेररिज्म पर नकेल कसी जाएगी.

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